इंटरनेट कहाँ से आता है? - How Internet Works - YourLearnZone


So today's topic How Internet Works. ?  

In case if you don't know I just wanna clear Internet is Free. हा इंटरनेट actually में फ्री होता है..
Let me Clear how?



INTERNET किस तरह से काम करता है?

जब INTERNET को ARPA ने लांच किया उसके बाद में ही Engineer,scientist और कंप्यूटर Experts को रिसर्च   करने के लिये रखा गया है और फिर धीरे धीरे यह network private agencies और आम इंसान के लिए खुला कर दिया और सबसे interesting बात यह है की कोई भी agencies internet को mention या आपने में कब्जे में  नहीं रखता था | भारत में सबसे पहले इन्टरनेट 15 august 1995 में goverment की कंपनी विदेश संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने शुरू किया था.उसके बाद धीरे धीरे प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर जैसे एयरटेल,रिलायंस,टाटा communaction  अब वोह सारे कंपनी ने भी शुरू कर दिया worldwide कंपनी WWW काफी बड़ा कंप्यूटर नेटवर्क है  और उससे देखने के लिए internet explore,google chrome,firefox जैसे browser existence में आये और इसमें आप  सब website connect करते है सब वेबसाइट को देखने के लिए काफी short url international पहचान पत्रों के नाम से जाना जाने लागा जिससे unique resource locator भी कहते है www  के अन्दर लाखो documents और बहुत सारे pages होते है और इस सारे pages में  graphics,videos,audios और links होता है.इससे hyper links के जरिये आप देख सकते है |


From Where Internet comes ?


सबसे पहले तो Internet kisi Satelight se nahi aata. Internet Submarine cable(Optical fiber cables) से मिलता है ये Submarine cable महासागरो में बिछे होते है जिसमे दुनिया के सभी कंप्यूटर्स आपस मे इसी से connected होते है !

ये कैसे बिछे हए है जानने के लिए यहां देख सकते है Click Here

Internet की दुनिया मे तीन types की कंपनी होती है 

Tier 1 :- ये वो companies hai जो महासागरों में submarine cables बिछाती है 
Example : Reliance, Tata

Tier 2 :- ये वो companies होती है जो Tear 1 से इंटरनेट को खरीदती है (per 1 gb ke हिसाब से )
Example : Vodafone, Easynet

Tier 3 :- वो companies जो Tier 2 से internet को खरीदते है 
Example : Telcona and other local comapines.

Now I conclude आपको ये तो पता चल गया कि internet free होता है ! तो question is जो 399 रुपये हम देते है वो क्यों ? Actually इन पैसों में उन Optical fiber cables के maintenance से लेके Tier 1 companies को दिए गए पैसे सब शामिल होते है 

Interesting Facts You shouldn't forget. 


यह जाल पूरी दुनिया को एक-दूसरे से कनेक्ट करता है। नीचे दिए गए मैप के जरिए आप समझ सकते हैं कि दुनिया समुद्र के नीचे बिछे केबल्स के जरिए कैसे वर्चुअल कनेक्शन स्थापित करती है। इस अंडरग्राउंड दुनिया के बारे में कुछ बातें।

• 99% दुनिया में कम्यूनिकेशन और डाटा ट्रांसफर समुद्र के नीचे बिछे कम्यूनिकेशन केबल्स के जरिए होता है। इन केबल्स को सबमरीन कम्यूनिकेशन केबल कहते हैं।

• पूरी दुनिया में इस तरह के 331 कम्यूनिकेशन केबल हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक जैसी बड़ी इंटरनेट कंपनियां इन्हें बिछाती हैं।

• सैटलाइट सिस्टम की तुलना सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल डाटा ट्रांसफर के लिए काफी सस्ते पड़ते हैं। इनका नेटवर्क भी ज्यादा फास्ट होता है।

• 100-200 किमी. केबल ही आमतौर पर एक दिन में बिछाए जाते हैं। इनकी चौड़ाई 17 मिलीमीटर के आसपास होती है।

• ये केबल हजारों किलोमीटर लंबे होते हैं और एवरेस्ट जितनी गहराई में बिछे होते हैं। इन्हें एक खास नाव- ‘केबल लेयर्स’ के जरिए समुद्र की सतह पर बिछाया जाता है।

• हाई प्रेशर वाटर जेट तकनीक के जरिए इन केबल को समुद्र की सतह के अंदर गाड़ दिया जाता है। ताकि कोई समुद्री जीव या सबमरीन इन्हें नुकसान न पहुंचा सके।

• कई बार समुद्री शार्कों ने इन केबल्स को चबाने की कोशिश की है। इसके बाद केबल्स के ऊपर शार्क-प्रूफ वायर रैपर लगाना शुरू किया गया।

• 2013 में कुछ शरारती तैराकों ने यूरोप और अमेरिका से इजिप्ट पहुंचने वाले चार केबल्स को काट दिया था। इससे पूरे इजिप्ट की इंटरनेट स्पीड 60 फीसदी धीमी हो गई थी।

• केबल कहां से कटा इसका पता लगाने के लिए रोबॉट्स को भेजा जाता है। एक केबल की जीवनकाल 25 साल होता है।

• सिंगापुर सबमरीन केबल्स का जंक्शन कहा जाता है। यहां से 16 केबल गुजरते हैं।

• 1854 में पहली बार समुद्र के नीचे केबल बिछाए गए थे। तब न्यूफाउंडलैंड और आयरलैंड के बीच एक टेलिग्राफ केबल बिछाया गया था।

In Last If You still confuse Then Please watch this entire video. 


|| Happy Learning||

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